बाबरी ढांचा ध्वंस का खुद को जिम्मेदार बताने वाले कल्याण सिंह नहीं रहे

एनटी न्यूज, लखनऊः बाबरी ढांचा ध्वंस मामले में खुद को खुल कर जिम्मेदार बताने वाले भाजपा के फायर ब्रांड नेता कल्याण सिंह का निधन हो गया है (BJP Leader Kalyan Singh died)। विभिन्न बीमारियों से पीड़ित कल्याण सिंह के पिछले कई दिन से संजय गांधी पीजीआई में इलाज जारी था। जहां उन्होंने आज अंतिम सांस ली है। इस बात की जानकारी अस्पताल की ओर से प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई है (BJP Leader Kalyan Singh died)।

कल्याण सिंह का जन्म 6 जनवरी 1932 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में हुआ था। उनके पिता का नाम तेजपाल लोधी और माता का नाम सीता देवी था। कल्याण सिंह दो बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और कई बार अतरौली के विधानसभा सदस्य के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं । साथ ही साथ ये उत्तर प्रदेश में लोक सभा सांसद और राजस्थान तथा हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। (BJP Leader Kalyan Singh died)

दो बार बने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री


पहली बार कल्याण सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री वर्ष 1991 में बने और दूसरी बार यह वर्ष 1997 में मुख्यमंत्री बने थे। ये प्रदेश के प्रमुख राजनैतिक चेहरों में एक इसलिए माने जाते हैं, क्योंकि इनके पहले मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान ही बाबरी मस्जिद की घटना घटी थी।
पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री वो जून 1991 में बने। बाबरी ढांचा विध्वंस के बाद उन्होंने इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुये छह दिसंबर 1992 को मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया था। (BJP Leader Kalyan Singh died)

डीएम और एसपी तो तनखइया हैं तनखइयों से नहीं डरते, जूते साफ करवाएंगे इनसे, कहने वाले आजम का अब ये हाल

बाबरी ढांचा विध्वंस के बाद


वो 1993 के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में अतरौली और कासगंज से विधायक निर्वाचित हुए। चुनावों में भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरा लेकिन मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी-बहुजन समाज पार्टी ने गठबन्धन सरकार बनायी। विधान सभा में कल्याण सिंह विपक्ष के नेता बने थे। वेे सितंबर 1997 से नवंबर 1999 तक दोबारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। (BJP Leader Kalyan Singh died)

कल्याण सिंह ने पार्टी छोड़ दी

21 अक्टूबर को बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने कल्याण सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया। कल्याण सिंह पहले से ही नरेश अग्रवाल के सम्पर्क में थे और उन्होंने तुरन्त शीघ्रता से नयी पार्टी लोकतांत्रिक कांग्रेस का घटन किया और २१ विधायकों का समर्थन दिलाया। जिसके लिए उन्होंने नरेश अग्रवाल को ऊर्जा विभाग का कार्यभार सौंपा। (BJP Leader Kalyan Singh died) दिसम्बर 1999 में कल्याण सिंह ने पार्टी छोड़ दी और जनवरी २००४ में पुनः भाजपा से जुड़े। 2004 के आम चुनावों में उन्होंने बुलन्दशहर से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में लोकसभा चुनाव लड़ा। 2009 में उन्होंने पुनः भाजपा को छोड़ दिया और एटा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय सांसद चुने गये। (BJP Leader Kalyan Singh died)

राज्यपाल की भी भूमिका निभाई


कल्याण सिंह ने चार सितंबर 2014 को राजस्थान के राज्यपाल पद की शपथ ली थी। उन्हें जनवरी 2015 में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। (BJP Leader Kalyan Singh died)

Be the first to comment on "बाबरी ढांचा ध्वंस का खुद को जिम्मेदार बताने वाले कल्याण सिंह नहीं रहे"

Leave a comment

Your email address will not be published.


*